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Thursday, Dec 7, 2023
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राजनीति

तो नाथ, पायलट या गहलोत में से हो कांग्रेस कुनबे का ‘सरदार’?

भोपाल (देसराग)। देश के सबसे पुरानी और सबसे बड़ी सियासी दल यानि कांग्रेस की पांच राज्यों में हुई करारी पराजय के बाद ऐसा घमासान शुरु हुआ है, जिसे थामना फिलवक्त तो कांग्रेस के किसी क्षत्रप के बूते का नहीं दिख रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पांचों राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफा ले लिया है। खास बात यह है कि कांग्रेस नेताओं का जी-23 ग्रुप भी इस वक्त एक्टिव है। ऐसे में कांग्रेस में घर में ही घमासान होता दिख रहा है। इन सब विवादों के बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक दिग्गज नेता एक बड़ा बयान दिया है। जिसे कांग्रेस नेता अरुण यादव के ट्वीट से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
नाथ या अशोक गहलोत?
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि ‘अगर कांग्रेस में किसी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया ही जाना है, तो फिर युवाओं में सचिन पायलट और पुराने नेताओं में कमलनाथ और अशोक गहलोत को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। क्योंकि ये नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए सही है।’
सज्जन सिंह वर्मा ने किया यादव का समर्थन
अरुण यादव के ट्वीट पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा से सवाल किया गया तो उन्होंने ने कहा अरुण यादव का ट्वीट जी-23 नेताओं को लेकर था। सज्जन सिंह वर्मा ने अपने ही कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद और मनीष तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा जिन्होंने जिंदगी भर कांग्रेस के नाम पर शोषण और दोहन किया है। अब वो राजनीति और राजनीतिक क्षेत्र के साथ कांग्रेस का भी शोषण किया कर रहे हैं।
भाजपा ने साधा निशाना
कांग्रेस में चल रहे इस सियासी बवाल पर भाजपा ने भी निशाना साधा, भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने अरुण यादव के ट्वीट और सज्जन सिंह वर्मा के बयान पर कहा कि ‘यह कांग्रेस की घुटन है। क्योंकि इनमें सामंजस्य और कम्युनिकेशन नहीं है। अरुण यादव पहले से ही अपना दर्द बयां करते रहें हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस हताशा के दौर से गुजर रही है। सज्जन सिंह वर्मा, अरुण यादव और कमलनाथ कितनी भी बात कर ले होगा वहीं जो सोनिया गांधी चाहेंगी।’
दरअसल, पांच राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर अब पार्टी के भीतर ही सवाल उठ रहे हैं, पार्टी का एक खेमा गांधी परिवार के पक्ष में खड़ा दिख रहा है, तो जी-23 ग्रुप के नेता अलग पक्ष में है। इनमें सबसे ज्यादा मुखर कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद है।

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