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Wednesday, Sep 27, 2023
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लोकायुक्त पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ किया मामला दर्ज

फर्जी नियुक्ति के मामले में 13 स्वास्थ्य कर्मी को बर्खास्त, संदिग्धों की सूची में 119 नाम
ग्वालियर(देसराग)। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। मामले में लोकायुक्त ने प्रारंभिक जांच के बाद 36 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। एफआईआर में 119 लोगों का नाम संदिग्ध के रूप में सूची में शामिल किया गया है। विभाग की जांच में दतिया से 13 लोगों की सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी है। 17 लोगों से 1.68 करोड़ रुपये की वसूली के लिए आरआरसी फॉर्म जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र व एंप्लाइज पर नियुक्ति के मामले में फर्जी नियुक्तियों के इस मामले की जांच साल 2016 से चल रही थी। फर्जी नियुक्तियों की जांच 5 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। विभाग की जांच में 119 नाम संदिग्ध की सूची में शामिल हैं। यह नाम लोकायुक्त की जांच में आगे जुड़ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस फर्जीवाड़े में पूर्व में दतिया से 13 लोगों की सेवा शून्य भी की जा चुकी है। 17 लोगों से 1.68 करोड़ रुपए की वसूली के लिए आरआरसी फार्म भी जारी किए गए हैं।
दरअसल स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्तियों का मामले का खुलासा साल 2016 में एक गोपनीय शिकायत से हुआ था। शिकायत की जांच में दतिया में 13 स्वास्थ्य कर्मचारियों को बर्खास्त भी कर दिया गया था। एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। जांच गोपनीय शिकायत में चल रही थी। दतिया से 13 स्वास्थ्य कर्मचारियों को बर्खास्त भी कर दिया गया था। 1 कर्मचारी की मौत हो चुकी थी। बाद में यह जांच ठंडे बस्ते में चली गई और दस्तावेज परीक्षण की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ी।
जांच में आई तेजी
अचानक 6 माह से फिर एक बार तेजी से जांच शुरू हो गई है। दस्तावेज परीक्षण के साथ लोकायुक्त पुलिस के भोपाल मुख्यालय में भी शिकायत की गई। बाद में ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस एफआईआर में अभी संदिग्धों की सूची में 119 नाम है। विवेचकों का मानना हैं कि एफआइआर में अन्य नाम जुड़ सकते हैं। बाद में यह जांच ठंडे बस्ते में चली गई ओर दस्तावेज परीक्षण की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ी। विभाग में चल रही इस जांच में लगभग 6 माह पूर्व फिर तेजी आई ओर दस्तावेज परीक्षण के साथ ही मामले की शिकायत लोकायुक्त को भोपाल मुख्यालय में पहुंच गई। जिसके बाद ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

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